Kahan Se Laaun Wo Shabd Jo Teri Tareef Ke Qabil Ho,
Kahan Se Laaun Wo Chand Jisme Teri Khoobasurti Shamil Ho,
कहाँ से लाऊं वो शब्द जो तेरी तारीफ के क़ाबिल हो,
कहाँ से लाऊं वो चाँद जिसमें तेरी ख़ूबसूरती शामिल हो,
संदीप माहेश्वरी अपनी सफलता का श्रेय अपनी असफलता को देते हैं जो उन्हे इस मुकाम में पहुँचने में मदद की, संदीप सर युवाओ को मोटिवेट करने का भी काम करते हैं और कई सारे सेमिनारों के माध्यम से युवाओ को मोटवैशन देते रहते हैं लेकीन इन सेमिनारों को सबसे अच्छी बात यह होती है कि ये सेमीनार बिल्कुल मुफ़्त होते हैं और इन सेमिनारों के विडिओ यूट्यूब पर भी अपलोड किये जाते हैं जिनसे जो लोग सेमिनारों में पहुँच सकते हैं वो भी इन सेमिनारों का फायदा प्राप्त कर सके।
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
Chhupa Lu Tujhko Apni Baahon Mein Iss Tarah,
Ke Hawaa Bhi Gujarne Ki Ijazat Maange
हम लोगों को अपने अंदर इन परम्पराओ और अंधविश्वासों को नहीं पनपने देना चाहिए, और अगली बार किसी भी ऐसी चीजों पर यकीन करने से पहले सोच लेना चाहिए की कही हम अनजाने में कोई अंधविश्वास को पाल तो नहीं रहें हैं