होली के दिनों में सभी के घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, वहीं युवा वर्ग के लोग इस दिन भांग का सेवन करते हैं, कई लोग भांग की ठंडाई बनाकर पीते हैं तो कई लोग भांग का गोला बनाकर खाते हैं, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि होली के दिन लोग भांग का सेवन क्यों करते हैं आखिर इसके पीछे क्या कारण है तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
पितृपक्ष ,में श्राद्ध के दौरान बहुत सारे लोगों को अपने आस-पास पितरों के होने का आभास होता है, और कुछ लोगों के सपनों में भी उनके पूर्वज आते रहते हैं तो लोगों के मन में जानने की इच्छा होती है आधिक सपने में पितरों को दिखाई देने से किस फल की प्राप्ति होती है। आज हम आपको सपने में पितरों को देखने से मिलने वाले संकेतों के बारे में बताने जा रहें हैं और यह भी बताएंगे की सपने में पितरों को देखने कैसा फल देने वाला होता है तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
होली के त्यौहार को में इतनी मिठास है की लोगो की वर्षों पुरानी दुश्मनी भी इस दिन दोस्ती में बदल जाती है। इसीलिए होली को खुशियों का त्यौहार भी कहा गया है, ऐसा माना जाता है कि होली कात्योहार हजारों सालो से मनाया जा रहा है, होली का यह पर्व बुराई परअच्छाई की विजय का प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। आज हम आपके लिए होली को विश करण के लिए कुछ खास शायरी लेकर आए हैं जिन्हे पढ़कर आपने मित्र और रिश्तेदार भी खुश हो जाएंगे तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
पितृपक्ष में दान करने का विशेष महत्व होता है, इस दौरान दान देने से हमारे पूर्वज हम पर प्रसन्न रहते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं। आज हम आपको पितृपक्ष के दौरान दान की जाने वाली चीजों और उनके महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली में यदि कोई अपनी राशि के अनुसार रंग का चुनाव करता है तो इससे उसके भाग्य में बदलाव होने लगता है, होली के दिन अपनी राशि के अनुसार रंग का चुनाव करके होली खेलने से आपके ग्रह दोष दूर हो जाते हैं और भाग्य भी उदय होता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं किस राशि के लोगों को किस तरह के रंगों के साथ होली खेलनी चाहिये, तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।