एकादशी का व्रत हिन्दुओ के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्रत होता है लोगों की ऐसा मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पितरों को स्वर्ग लोक में स्थान प्राप्त होता है। एकादशी के दिन इस व्रत को रखने वाले व्यक्ति को धान, मसाले और सब्जियां आदि का सेवन वर्जित माना जाता है। एकादशी व्रत की शुरुआत एक दिन पूर्व यानि दशमी की तिथि से शुरू हो जाती यही इस दिन लोग सुबह उठकर स्नान आदि करते हैं और फिर नमक के बिना बना हुआ भोजन ग्रहण करते हैं। एकादशी का व्रत बड़े नियम और संयम के साथ रखने की जरूरत होती है इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को एकादशी के पहले की तिथि यानि दशमी के सूर्यास्त से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक व्रत रखन पड़ता है।
पितृपक्ष ,में श्राद्ध के दौरान बहुत सारे लोगों को अपने आस-पास पितरों के होने का आभास होता है, और कुछ लोगों के सपनों में भी उनके पूर्वज आते रहते हैं तो लोगों के मन में जानने की इच्छा होती है आधिक सपने में पितरों को दिखाई देने से किस फल की प्राप्ति होती है। आज हम आपको सपने में पितरों को देखने से मिलने वाले संकेतों के बारे में बताने जा रहें हैं और यह भी बताएंगे की सपने में पितरों को देखने कैसा फल देने वाला होता है तो बने रहिए हमारे साथ बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
रक्षा बंधन के दिन बहने अपने भाइयों की कलाइयों में राखी बांधती हैं और ईश्वर से भाई की लंबी उम्र की कामना करती है, इसके साथ भाई भी अपनी बहनों को हमेशा खुश रखने और उन्हे मुसीबतों से बचाने का वादा करते हैं, इसके अलावा बहने इस दिन भाइयों को मिठाई खिलाती हैं और भाई अपनी बहनों को रुपये या उपहार देते हैं।
हमारे देश में करवाचौथ के त्योहार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, इस त्योहार को पति-पत्नि के बीच के प्रेम की निशानी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पत्नियाँ अपनी पति की लंबी उम्र के व्रत रखती हैं और फिर रात में चाँद दिखने का इंतजार करती हैं फिर जब चाँद निकल आता है तब उसकी पूजा करके अपने पतिदेव की भी पूजा करती हैं और फिर अपने व्रत को खत्म करती हैं।